क्रिकेट का ये जादू, है हिन्दोस्तान की जान।


जब आख़िरी गेंद पर, सबकी साँसें थम जाती हैं,
या तो बनती है बाज़ी, या किस्मत बदल जाती है।
वो जीत का शोर, वो पलक झपकने की देरी,
क्रिकेट ही सिखाता है, ज़िंदगी की हर फेरी।

मैदान-ए-जंग: जहाँ गेंद और बल्ले की होती है जंग।
इश्क़-ए-क्रिकेट: हर चौके-छक्के पर दिल का धड़कना।
विकेट की पुकार: सपनों और संघर्षों का खेल।
हर गेंद एक कहानी: जज़्बात और जीत के अफ़साने।
ख़्वाबों का छक्का: जब जुनून सर चढ़ कर बोले।
गेंदबाज़ की आहट: बल्लेबाज़ के इंतज़ार में।
जीत का सुरूर: वो पल जब तिरंगा लहराता है।
पारी दर पारी: ज़िंदगी के खेल का अंदाज़।