कभी हम भी थे बड़े शहर के बड़े टीवी चैनल के पत्रकार....
मुनासिब नहीं लगा तो बने आपके साथ के तलबगार....

विचारधारा वसुधैव कुटुम्बकम की है। वक्त की जरूरत आर्थिक असमानता की खाई खत्म करने की है । लिहाजा, समाज के कमजोर वर्ग की भावनाओं को शब्द देने का प्रयास रहेगा ! यहां हम ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी, सूचना, सम-सामयिक विश्लेषण और रोचक खबर देने का प्रयास करेंगे, जो बेहतर कवरेज नहीं मिलने के कारण प्रसारित नहीं होती...याफिर कम प्रचारित होती हैं....।

ये यूट्यूब चैनल सौरभ दुबे द्वारा संचालित किया जा रहा है। जो देश-विदेश के विभिन्न टीवी चैनलों के लिए करीब 20 साल तक पत्रकारिता कर चुके हैं। यदि वर्तमान बेहतर बनाने के विचार से सहमत हैं तो शेयर-फॉलो-सब्सक्राइब करने की कृपा कीजिए

सादर धन्यवाद! आभार! राधेकृष्णा..
DISCLAMER:
वीडियो में प्रस्तुतिकरण के लिए रचनात्मक स्वतंत्रता का सहारा भी लिया जाता है । तथ्य अलग-अलग सूत्रों से प्राप्त जानकारी पर आधारित हैं, जिनका उद्देश्य समाज के किसी वर्ग को ठेस पहुंचाना नहीं बल्कि सत्य की समीक्षा करना है।