The Soldier's Diary

The Soldier's Diary is an unfiltered look inside military life. From rigorous training and deployment realities to the challenges of transitioning back to civilian success, this channel documents the mental, physical, and emotional journey of service. This is the honest account you won't hear and watch anywhere.

"द सोल्जर डायरी" सैन्य जीवन की एक बेबाक झलक है। कठोर प्रशिक्षण और तैनाती की वास्तविकताओं से लेकर नागरिक जीवन में वापसी की चुनौतियों तक, यह चैनल सैन्य सेवा के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक सफ़र का दस्तावेजीकरण करता है। यह एक ऐसा ईमानदार अनुभव है जो आपको कहीं और सुनने या देखने को नहीं मिलेगा।


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77 वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।

3 weeks ago | [YT] | 21

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Subash Chandra Bose Birthday

3 weeks ago | [YT] | 32

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शौर्यम, दक्षम, युद्धयाम्, बलिदानं परम धर्मम"
Happy Indian Army Day

1 month ago (edited) | [YT] | 77

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Happy National Youth Day

1 month ago | [YT] | 36

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Fear out hurdles

1 month ago | [YT] | 47

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20 December # SSB Raising Day

1 month ago | [YT] | 168

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बलिदान

2 months ago | [YT] | 68

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The victory day 16 december 1971

2 months ago | [YT] | 59

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निडर निष्पक्ष निस्वार्थ।

2 months ago | [YT] | 96

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टंगैल एयरड्रॉप (Tangail Airdrop) का इतिहास - 11 दिसंबर 1971
1. क्या था यह ऑपरेशन?
यह भारतीय सेना का एक ऐतिहासिक 'एयरबोर्न ऑपरेशन' (Airborne Operation) था। 11 दिसंबर 1971 को भारतीय पैराशूट रेजिमेंट की 2 पैरा (2 Para) बटालियन को पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) के टंगैल (Tangail) इलाके में हवा से पैराशूट के जरिए उतारा गया था।
2. मुख्य उद्देश्य (Objective)
इस मिशन का मुख्य लक्ष्य था - पूंगली पुल (Poongli Bridge) पर कब्ज़ा करना।
* यह पुल जमुना नदी पर बना था और ढाका जाने का मुख्य रास्ता था।
* भारतीय सेना का मकसद था कि उत्तर से वापस लौट रही पाकिस्तानी सेना (93वीं ब्रिगेड) को ढाका पहुँचने से रोका जाए और ढाका पर भारतीय सेना की पकड़ मज़बूत की जाए।
3. ऑपरेशन की खास बातें:
* नेतृत्व: इस बटालियन का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल कुलवंत सिंह पन्नू (Lt. Col. Kulwant Singh Pannu) कर रहे थे।
* सफलता: भारतीय पैराट्रूपर्स (Paratroopers) ने सफलतापूर्वक लैंड किया और पूंगली पुल पर कब्ज़ा कर लिया। उन्होंने पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान पहुँचाया और उन्हें सरेंडर करने पर मजबूर कर दिया।
* ढाका का रास्ता: इस जीत ने भारतीय सेना के लिए ढाका का रास्ता खोल दिया, जिससे 16 दिसंबर को पाकिस्तान का सरेंडर संभव हो पाया।
4. ऐतिहासिक महत्व:
* यह दूसरे विश्व युद्ध (World War II) के बाद दुनिया के सबसे बड़े एयरड्रॉप ऑपरेशन्स में से एक माना जाता है।
* यह भारतीय सेना का पहला ऐसा ऑपरेशन था जिसमें एक पूरी बटालियन को दुश्मन के इलाके के बीचों-बीच उतारा गया था।
आज भी भारतीय सेना इसे 'टंगैल डे' (Tangail Day) के रूप में मनाती है और उस साहस को याद करती है।

2 months ago | [YT] | 23