SATISH BHADAURIYA

हैलो दोस्तो... मेरा नाम सतीश भदौरिया है
आप सभी को
"होली की ढेर सारी शुभकामनये"


SATISH BHADAURIYA

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11 months ago | [YT] | 0

SATISH BHADAURIYA

यह पंक्ति भक्तिकालीन कवि रहीम के दोहे का अंश प्रतीत होती है, जिसमें वे संसार के मोह-माया और सांसारिक बंधनों को त्यागकर केवल प्रेम और भक्ति में लीन होने की स्थिति का वर्णन कर रहे हैं।
इस पंक्ति में कहा गया है कि जब किसी पर प्रेम (या भक्ति) का प्रभाव पूर्ण रूप से पड़ता है, तो वह अपने सभी सांसारिक कार्यों और दायित्वों को छोड़ देता है। ऐसा प्रतीत होता है जैसे उसका मन प्रेम के खजाने को लूटने में पूरी तरह मग्न हो गया हो। यह प्रेम सांसारिक भी हो सकता है और ईश्वर के प्रति भक्ति भी।
कुल मिलाकर, इस दोहे का भावार्थ यह है कि प्रेम या भक्ति जब प्रबल हो जाती है, तो मनुष्य हर सांसारिक बंधन को भूलकर उसी में तन्मय हो जाता है।
@highlight Satish Singh Bhadauriya
#चौपाई #shorts #राम

1 year ago | [YT] | 0

SATISH BHADAURIYA

आपको भी गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ!
यह दिन हमारे संविधान और देश की एकता, समानता, और स्वतंत्रता के मूल्यों को सम्मानित करने का है
RepublicDay2025, #VandeMataram,🇮🇳✅🙏🚩

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#ForYou (#FYP)
#Explore
#हैप्पी 🇮🇳✅🙏🚩

1 year ago | [YT] | 0