बुंदेली रसधार, बुंदेलखंड के इतिहास, संस्कृति, परम्परा और लोककथाओं एवं लोकभाषा को सम्पूर्ण देश-दुनिया में प्रसारित करेगा। बुंदेलखंड का वह साहित्य, जो अब तक अनछुआ है, जैसे- चंद्रसखी व हरिराम व्यास के पद, मैथिलीशरण और वृंदावनलाल वर्मा सहित अन्य साहित्यकारों के अनछुए पहलुओं को बताना हमारा मकसद है। बुंदेलखंड की वो लोककथाएं, जो वर्षों से चौपालों में सुनाई जाती रही हैं, उनसे हम सम्पूर्ण देश को रूबरू कराएंगे। बुंदेलखंड का लोकगायन, जो प्रायः विलुप्ति की ओर है, उस विधा को जीवंत करने वाले कलाकारों के पास जायेंगे और उनसे संवाद कर आपको रूबरू कराएँगे।
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आपका ओमप्रकाश दुबे
37 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में दैनिक भास्कर, अमर उजाला, सहारा समय जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में सम्पादक एवं उप-सम्पादक की भूमिका में रहे, सेवानिवृति के बाद बुंदेलखंड की संस्कृति के विकास और बुंदेली गायन के प्रोत्साहन क्षेत्र में काम कर रहे।
पुस्तक लेखन -
⬤ Discovery Of Orchha (अंग्रेजी पुस्तक)
⬤ ओरछा अवलोकन
⬤ देवगढ़ के मंदिरों एवं किलों की सीरीज
⬤ बुंदेलखंड की प्रेम कथाओं पर सीरीज
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