नमस्कार🙏🏻🙏🏻
आपका स्वागत-वन्दन-अभिनन्दन।
स्वस्थ रहें-मस्त रहें-व्यस्त रहें 💐
इसमें आध्यात्मिक, वैज्ञानिक, पौराणिक एवं नवीन सभी का समागम मिलेगा।
मनुष्य, मनुष्य तभी कहलाया जब उसने जीवन को चलाने के लिये अच्छे नियमों को धारण किया जिसे धर्म कहते हैं।
धर्म के दस लक्षण:
धृति: क्षमा दमोऽस्तेयं शौचमिन्द्रियनिग्रह:।
धीर्विद्या सत्यमक्रोधो दशकं धर्मलक्षणम्॥
समाज धर्म की धुरी पर चले तो स्वर्ग बने। धर्म को आगे बढ़ाने और इसे दुनिया में प्रचारित प्रसारित करने के लिये, दूसरी शक्ति की जरूरत है जिसे अर्थ कहेंगे।
धर्म को अपनाकर, अर्थ का सदुपयोग कर इस जगत में काम करना चाहिये। जिससे मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है।
🙏🏻जय-धर्म🙏🏻
Shared 56 years ago
208 views
Shared 56 years ago
625 views