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Dnyanesh

जब संदीप देव प्रकरण में,
P N mishra द्वारा सत्यकाम जाबाल,ऐतरेय महिदास कवश ऐलूष आदि हमारे ऋषियों को शूद्र और नाजायज़ औलाद घोषित किया गया था,
सूर्योद्भूत शाकद्वीपीय ब्राह्मणों को म्लेच्छ घोषित किया गया था,
तब प. पू. स्वामिश्री निग्रहाचार्य श्रीभागवतानन्द गुरु जी महाभाग ने इन लोगों को शास्त्रीयता के आधार पर खण्डित किया था।
उस समय कहा जा रहा था कि ये तो संदीप देव और निग्रहाचार्य का आपसी मुद्दा है, व्यक्तिगत मुद्दा है, इसपर शंकराचार्य क्यों बोलेंगे? ये तो बहुत छोटा मुद्दा है।
और अब क्या वर्तमान प्रकरण स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वतीजी और आदित्यनाथ का मुद्दा नहीं रहा?
अब सब हिंदुओं का मुद्दा हो गया? अब सारे हिन्दुओं से अपेक्षा करते हैं कि इनके पक्ष में बोले?
अच्छा हिन्दू जिनके पक्ष में बोले वो तो "परम आराध्य" हैं।
पहले हम सुनते थे कि साधु सन्त आदि अमुक देवता के बड़े आराधक हैं। अब तो देखिए कि हम ही आराध्य हैं ऐसी भावना हो गई है इनकी। न केवल आराध्य अपितु "परमआराध्य"। अर्थात् हमसे उपर तो कोई आराध्य ही नहीं हैं।
कोरी भावुकता में बहनेवाले लोगों को इसपर चिंतन करना चाहिए।

9 hours ago | [YT] | 77

Dnyanesh

🌹🌹🌹🌹🌹

17 hours ago | [YT] | 92

Dnyanesh

इस विषय प राजेन्द्र दास देवाचार्य महाराज का मुंह खुलवाना चाहिए।
खैर ऐसे दोगलों को ही हिन्दू सन्त मानते हैं। कोई मुंह नहीं खुलवाएगा।
जब पुरी शंकराचार्य इस लाड़ले प्यारे व्यक्ति की प्रशंसा करते नहीं थकते तो इन सब बातों पर भी प्रमाण उपलब्ध कराना चाहिए कि अमुक शास्त्रानुसार राजेन्द्र दास का दोगला व्यवहार शास्त्र सम्मत है।

1 day ago | [YT] | 130

Dnyanesh

Facebook पर परम पूजनीय स्वामिश्री की एक विनम्रता पूर्ण टिप्पणी पर उनके प्रति किंचित कृतज्ञता व्यक्त करता हुआ मेरा यथार्थ निवेदन :–
निग्रहाचार्य श्रीभागवतानंद गुरु Nigrahacharya Shri Bhagavatananda Guru जी
हमारा सौभाग्य है। वर्तमान में आपके कार्य के कारण असंख्य युवाओं के शील भ्रष्ट होने से बचे हैं। आपकी दृष्टि में भले ही आप अपना सामान्य कर्तव्य निर्वहन कर रहें हैं।
किंतु युवाओं पर आपके अनन्त उपकार है। जब तक शील है तो सब है। आगे का आध्यात्मिक प्रवास सुलभ। शील नष्ट होने पर न तो लोक व्यवहार ही संभव है। धर्म, अध्यात्म की तो बात ही कहां आए।
ये तो आपकी महानता और विनम्रता है की अपने इतने महान कार्यों को आप सामान्य बतलाते हैं।
स्थितियां तो कितनी भयावह है कि पुरी शंकराचार्य जी ने आदेश ही निर्गत किया है कि उनके दुराचारी शिष्यों को पहले सन्तुष्ट करो और उसके बाद उन तक पहुंचना । उनके दुराचारी शिष्यों को देवता का अवतार घोषित कर चुके हैं।
उधर सोशल मीडिया पर कोई एक प्रोफेसर है और एक you tuber बैठा है जो fishing करते रहते हैं नवयुवकों की। (ये you tuber शव का या मुर्दे का अंश बताता है अपने आप को)
बहला फुसलाकर धर्म के नाम पर मीठी मीठी बातें करके युवाओं को फांसते रहते है और दुराचारियों के लिए प्रस्तुत करते हैं।
ऐसे में आज निग्रहाचार्य न होते तो क्या होती हिन्दुओं की स्थिति कल्पना भी नहीं की जा सकती।
आनेवाली पीढ़ियां आपकी ऋणी रहेंगी भगवन्।
आप श्री के चरणों में पुनः पुनः प्रणाम है। 🙇🏻🙇🏻🙇🏻

3 days ago | [YT] | 124

Dnyanesh

New Podcast Released

5 days ago | [YT] | 11

Dnyanesh

प. प. १००८ श्री रामदेवानन्द सरस्वती स्वामी महाभाग इनकी Post.
(पूज्य स्वामीजी पुरी शंकराचार्य जी के शिष्य हैं।)

6 days ago | [YT] | 78

Dnyanesh

Upcoming

6 days ago | [YT] | 3

Dnyanesh

(अनुभाग २)
धीरे धीरे ही सही, समाज बातों को समझना सीख रहा है

6 days ago | [YT] | 64

Dnyanesh

(अनुभाग १)
धीरे धीरे ही सही, समाज बातों को समझना सीख रहा है

6 days ago | [YT] | 40

Dnyanesh

जब निर्दोष शाकद्वीपीय ब्राह्मण जो कि श्रीसूर्यदेव के अंश हैं, उनपर इस प्रकार के आरोप लगते हुए स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को संकोच नहीं हुआ??
और जिस संदीप देव के माध्यम से सीए अनर्गल बाते कही उसे उन्होंने "सर्वोत्तम सनातनी" भी घोषित किया।

6 days ago | [YT] | 63