परिवर्तन प्रकृति का नियम है. ब्रह्मांड की उत्पत्ति से लेकर वर्तमान तक परिवर्तन जारी हैं ।कुछ परिवर्तन स्थायी होते हैं ,और कुछ अस्थाई ।प्रकृति के नियम और सिद्धांत समस्त ब्रह्मांड के लिए समान रूप से लागू होते हैं ।प्रकृति के अधीन निवास करने वाला सबसे विकसित जीव मानव है ।और मानव की उत्पत्ति ब्रह्मांड के निर्माण के कई करोड़ वर्षों बाद हुई है ।मानव का अपना समाज है। और अपने विभिन्न प्रकार की संस्कृतियाँ हैं ,मान्यताएं हैं, और परंपराएं हैं ।समाज में भी परिवर्तन की लहर समय-समय पर देखी गई है ।सामाजिक परिवर्तन के लिए क्रांति की जरूरत होती है। और क्रांति विचारों से उत्पन्न होती है। और विचार तलवारें भी उठवा सकती हैं और कलम भी। मगर यह सच है कि तलवारों द्वारा या गोलियों द्वारा लाया गया परिवर्तन अस्थाई हो सकता है, मगर कलम के द्वारा जो क्रांति पैदा होती है वह स्थायी होती है ।और वह समाज को अपनी सोच बदलने के लिए तैयार करती है। बिना हथियार उठाए बुरी प्रथाओं, कुरीतियों, विषमताओं पर विजय प्राप्त कर लेता है. इसीलिए कहा जाता है कि "कलम तलवार से ज्यादा शक्तिशाली होती है।
○