जय श्रीकृष्ण सभी मित्रों को इस चैनल का उद्देशय मानव समाज को सत्य से अवगत कराना हैं तथा गीता जी मे वर्णित दिव्यचक्षु का प्रचार प्रसार करना हैं मानव को अपने वर्णकर्म के द्वारा जीवो की सेवा करनी चाइये क्योकि जीवो की सेवा ही ईश्वर की सच्ची सेवा हैं
ईश्वर सर्वत्र होते हुए भी मानव उसे ढूंढने में ही लगा हुआ हैं लेकिन ईश्वर ढूंढने के लिए नही बल्कि जानने के लिए हैं मिटता नही अज्ञान बिन सद्गुरु के यहाँ क्या सोच कर उम्र भर फिरता रहा जो हैं अविनाशी उसी को लख सदा मिलता नही ढूंढने से ईश्वर यहाँ
सभी मित्रों को नर्मदेहर आज हम बात करेंगे विश्वरूप दर्शन के बारे में जो भगवान श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन को कराये थे जनमानस में आज भ्रांति हैं कि भगवान श्रीकृष्ण जी ने अपना शरीर बड़ा करके दिखाया था लेकिन ऐसा नही मित्रों भगवान श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन को ये विश्व ही मेरा स्वरूप हैं ये निर्देश करके बतलाया था ये विश्व जो अनादि , अनंत आदि मध्य अंत रहित हैं यही परमेश्वर हैं ये विश्व ही विश्वरूप परमात्मा हैं इसके अनेक उदाहरण हमारे धर्म ग्रंथो में मिलते हैं इस विश्व के अलावा कोई दूसरा परमात्मा नही हैं
Sanatan Dharm
ईश्वर सर्वत्र होते हुए भी मानव उसे ढूंढने में ही लगा हुआ हैं लेकिन ईश्वर ढूंढने के लिए नही बल्कि जानने के लिए हैं
मिटता नही अज्ञान बिन सद्गुरु के यहाँ
क्या सोच कर उम्र भर फिरता रहा
जो हैं अविनाशी उसी को लख सदा
मिलता नही ढूंढने से ईश्वर यहाँ
9 months ago | [YT] | 0
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Sanatan Dharm
सभी मित्रों को नर्मदेहर
आज हम बात करेंगे विश्वरूप दर्शन के बारे में जो भगवान श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन को कराये थे जनमानस में आज भ्रांति हैं कि भगवान श्रीकृष्ण जी ने अपना शरीर बड़ा करके दिखाया था लेकिन ऐसा नही मित्रों भगवान श्रीकृष्ण जी ने अर्जुन को ये विश्व ही मेरा स्वरूप हैं ये निर्देश करके बतलाया था ये विश्व जो अनादि , अनंत आदि मध्य अंत रहित हैं यही परमेश्वर हैं ये विश्व ही विश्वरूप परमात्मा हैं इसके अनेक उदाहरण हमारे धर्म ग्रंथो में मिलते हैं इस विश्व के अलावा कोई दूसरा परमात्मा नही हैं
नर्मदेहर
1 year ago | [YT] | 2
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