नमस्कार मित्रों मेरे चैनल में आपका स्वागत है मैं श्याम सुंदर शरण सूर विनय पत्रिका का विनय लेकर आया हूं आपके सामने मैं जानता हूं जो सूर विनय पत्रिका का आश्रय लेता है उसका जो अभिमान इस संसार से इस शरीर से खत्म हो जाता है सूरदास जी के जो मन में थी एक सवा लाख पद लिखने की वह पद सूरदास जी नहीं लिख पाए उससे पहले भगवान के धाम चले गए लेकिन भगवान उनकी मनोकामना पूर्ण किए इसीलिए कहते हैं कि सूरदास जी के कुछ पद जो है वह स्वयं परमात्मा भगवान श्री कृष्ण ही लिखे हैं इसीलिए मैं आप लोगों से विनय करता हूं कि आप लोग उसे विनय पत्रिका में क्या छिपी हुई है जो भगवान स्वयं लिखे हैं
हाथ छुड़ाई जात हो निर्बल जान के मोय।
हृदय से जब जओगे सबल जानुंगा तोय।।
Hello friends, welcome to my channel, I Shyam Sundar Sharan have brought the Vinay of Sur Vinay Patrika in front of you. I know that the pride of the one who takes shelter of Sur Vinay Patrika gets eliminated from this world, from this body. I had inmy mind to write 1.25 lakh verses, Surdas jicould not write them, before that he went to God'sabodebut ramramsa


surdasji

आज अमावस्या है मोनी

1 month ago | [YT] | 2

surdasji

राधा माधव मंदिर भक्ति आश्रम वृंदावन मथुरा उत्तर प्रदेश

1 month ago | [YT] | 3

surdasji

🌕✨ शरद पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ ✨🌕
आज की रात है पूर्णिमा की अनुपम रात,
जहाँ चंद्रमा की रश्मियाँ अमृत बरसाती हैं और सम्पूर्ण सृष्टि को दिव्यता से आलोकित करती हैं।
🙏 शरद पूर्णिमा को कोजागर पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह रात भक्ति, साधना और आराधना का अद्भुत अवसर है। कहा जाता है कि इस रात माँ लक्ष्मी स्वयं घर-घर पधारती हैं और जो जागरण कर भक्ति भाव से उनकी आराधना करता है, उसे असीम कृपा और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।
🍚 इस दिन अमृत तुल्य खीर बनाकर चंद्रमा की रश्मियों के नीचे रखी जाती है और उसे प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया जाता है।
🌸 आइए, हम सभी इस पावन अवसर पर माँ लक्ष्मी और भगवान श्रीकृष्ण से प्रार्थना करें कि वे हम सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास करें। 🙏🌷आपका अपना श्री पाट नारायण धाम मानो वृंदावन है🌷🙏

4 months ago | [YT] | 1

surdasji

भाद्रपद शुक्ल द्वादशी - वामन द्वादशी

🏵प्रगटे श्रीवामन अवतार।
🏵निरख अदिति मुख करत प्रसंशा जगजीवन आधार

आप सभी को भगवान वामन के प्राक्ट्योत्सव की अनंत मंगल बधाई

जय जय श्री राधे 🙏

5 months ago | [YT] | 2

surdasji

🌷श्री गणेशाय नमः🌷

जेतुं यस्त्रिपुरं हरेण हरिणा व्याजाद्बलिं बध्नता स्रष्टुं वारिभवोद्भवेन भुवनं शेषेण धर्तुं धराम्।
पावंत्या महिषासुरप्रमथने सिद्धाधिपैः सिद्धये ध्यातः पञ्चशरेण विश्वजितये पायात्स नागाननः ॥

त्रिपुरासुर को जीतने के लिये शिव ने, बलि को छल से बाँधते समय विष्णु ने, जगत् को रचने के लिये ब्रह्मा ने, पृथ्वी धारण करने के लिये शेषनाग ने, महिषासुर को मारने के समय पार्वती ने, सिद्धि पाने के लिये सिद्धों के अधिपतियों (सनकादि ऋषियों) ने और सब संसार को जीतने के लिये कामदेव ने जिन गणेशजी का ध्यान किया है, वे हम लोगों का पालन करें ।

*आप सभी को गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएं🙏🙏

5 months ago | [YT] | 2

surdasji

कृष्णं वन्दे जगदगुरुम्‌!

सम्पूर्ण जगत के आधार लीलाधर, योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण जी के पावन अवतरण दिवस 'श्रीकृष्ण जन्माष्टमी' की सभी को हार्दिक बधाई एवं मंगलमय शुभकामनाएं!

मुरलीधर सभी के जीवन में प्रेम, करुणा एवं भक्ति का संचार कर चराचर जगत का कल्याण करें, यही प्रार्थना है।

जय श्रीकृष्ण!

6 months ago | [YT] | 1

surdasji

🌹बुराई जड़सेख़त्मकरो🌹

बुराई की ऊपरी कांट-छांट से वह नहीं मिटती,उसे तो  उसकी जड़ से मिटाना होता है। जब तक जड़ को नष्ट नहीं किया जाएगा तब तक कोई लाभ नहीं होगा।
किसी नगर में एक आदमी रहता था। उसके आँगन में एक पौधा उग आया। कुछ दिनों बाद वह बड़ा हो गया और उस पर फल लगने लगे। एक बार एक फल पककर नीचे गिर गया। उस फल को एक कुत्ते ने खा लिया। जैसे ही कुत्ते ने फल खाया, उसके प्राण निकल गए। आदमी ने सोचा- कोई बात होगी जिससे कुत्ता मर गया। पर उसने पेड़ के फल पर ध्यान नहीं दिया। कुछ समय बाद उधर से एक लड़का निकला। फल देखकर उसके मन में लालच आ गया और उसने किसी तरह फल तोड़कर खा लिया। फल को खाते ही लड़का मर गया। मरे हुए लड़के को देख आदमी की समझ में आ गया कि यह जहरीला पेड़ है। उसने कुल्हाड़ी ली और वृक्ष के सारे फल काटकर गिरा दिए। थोड़े दिन बाद पेड़ में फिर फल लग गए। लेकिन इस बार पहले से भी ज्यादा बड़े फल लगे थे। आदमी ने फिर कुल्हाड़ी से फल के साथ- साथ शाखाओं को भी काट दिया। परंतु कुछ दिन बाद पेड़ फिर फलों से लद गया। अब आदमी की समझ में कुछ नहीं आया। वह परेशान हो गया। तभी उसके पड़ोसी ने उसे देखा और उसकी परेशानी का कारण पूछा। आदमी ने सारी बातें बता दी। यह सब सुनकर पड़ोसी ने कहा -तुमने पेड़ के फल तोड़े,उसकी शाखाएं काटी , पर तुम्हारी समझ में नहीं आया कि जब तक पेड़ की जड़ रहेगी तब तक पेड़ रहेगा और उसमें फल आते रहेंगे। अगर तुम इससे छुटकारा चाहते हो तो इसकी जड़ काटो। तब आदमी की समझ में आया कि बुराई की ऊपरी कांट-छांट से वह नहीं मिटती, उसे तो उसकी जड़ से मिटाना चाहिए। उसने कुल्हाड़ी लेकर पेड़ की जड़ को काट दिया और हमेशा के लिए चिंता मुक्त हो गया।

*👉शिक्षा*

इसी तरह बुराई की जड़ हमारे मन में होती है। जब तक जड़ को नष्ट नहीं किया जाएगा, मनुष्य को जहरीला बनाने वाले फल आते रहेंगे।


*सदैव प्रसन्न रहिये।*
*जो प्राप्त है, वो पर्याप्त है।।*

6 months ago | [YT] | 2

surdasji

देवता :---
""""""""""""
जिनके बिना कोई भी प्राणी जीवत नहीं रह सकता, और इनसे सृष्टि चक्र चलता है!
वायु- अग्नि-जल- सूर्य- चंद्रमां- नक्षत्र -
पृथ्वी - मृत्यु - इंद्र ( विद्युत )!
३३ प्रकार के प्रमुख देवता हैं!
३३ करोड़ इनके गण हैं, जो कि अदृश्य और दृश्य अवस्था में रहते हैं, जिन्हें देवगण कहते हैं।
त्रिदेव :---
""""""""""""
इनका स्थान देवताओं से उपर है!
सत - रज - तम गुण यही त्रिदेव हैं!
जो तीन काल और पदार्थ की तीन अवस्थाओं के प्रतीक हैं!
त्रिदेव परमात्मा के तीन रूप हैं!
ब्रह्मा - विष्णु - महेश के रूप में इनकी पूजा होती है!
इन्हें ईश्वर भी कहते हैं!
भगवान :---
""""""""""""""
जो योग की ७ वीं स्टेज में पहुंच गया और जिसने ब्रह्मा तत्व को जान लिया और अपने भीतर परमात्मा तत्व को जान लिया उसे ही भगवान की उपाधि मिलती है!
सप्त ऋषि - श्रीराम - श्री कृष्ण - आदि बडे ऋषि और मुनियों को भगवान या भगवन् या भाग्यवान कहतें हैं, वेद व्यास को भी भगवान वेदव्यास कहतें हैं, वे ईश्वर के ही अवतार कहलाते हैं!
जीवात्मा :---
"""""""""""""""
जब तक आत्मां जन्म- मरण के चक्कर में बंधकर अनेक योनियों में अपनी वासनाओं के साथ घूमती रहती है, उसे जीवात्मा या आत्मां कहते हैं!

शिव - शक्ति :----
"""""""""""""""""""""
ईश्वर और उसकी प्रकृति की सर्वोच्च अव्यक्त अवस्था
शिव ब्रह्मा - विष्णु - महेश की एकात्म स्थिति है!
प्रकृति इन्हीं के भीतर स्थित मायामय शक्ति है जिसने सृष्टि को भ्रमित किया हुआ है, और जो अज्ञान की स्थिति उत्पन्न करती है!

आर्य :---
"""""""""""
योग और अध्यात्म की ७ स्थितियां होती है जो मनुष्य तीसरी अवस्था में पहुंच जाते हैं उन्हें आर्य कहते हैं!
जिस मनुष्य के भीतर मनन करने और चिंतन करने की शक्ति आ जाती है और जो अपने जीवन में शास्त्र सम्मत कार्य करता है और धर्म विरुद्ध कार्य नहीं करता उसे आर्य कहते हैं!
आर्य श्रेष्ठता का गुण है और आर्य बनने के बाद ही मनुष्य को सम्मानित और श्रेष्ठ पद मिलता है!
१०,००० लोगों में कोई एक व्यक्ति ही आर्य बन पाता है, और १०० आर्यों में कोई एक ब्राह्मण पदवी को पा लेता है!
""""""""************""""
राज ऋषि:----
"""""""""""""
जब कोई राजा तपस्या करके ब्राह्मण बनता है तो वह राज ऋषि कहलाता है!
ऋषि :---
"""""""""""
सूक्ष्म मनोवृत्ति और चिंतन करने वाला व्यक्ति!
मुनि :--
"""""""""
मौन धारण करने वाले तपस्वियों को मुनि कहते हैं ये केवल तब उत्तर देते हैं, जब कोई इनसे प्रश्न करता है, आत्मा के भीतर अपने प्रश्नों का मनन करने वाला मुनि कहलाता है!
साधू :--
""""""""""
जिसने शरीर को योग से साध लिया वही साधू है!
""""""""""""""""""""""""""""
अपने सभी प्रश्नों के उत्तर के लिए योग वासिष्ठ पढें!
योग वासिष्ठ सभी सनातनी पढें! जय श्री कृष्णा🙏🙏

7 months ago | [YT] | 3

surdasji

पाकिस्तान पर बड़ा फैसला #Pakistan 👍👍

9 months ago | [YT] | 3