नमस्कार मित्रों मेरे चैनल में आपका स्वागत है मैं श्याम सुंदर शरण सूर विनय पत्रिका का विनय लेकर आया हूं आपके सामने मैं जानता हूं जो सूर विनय पत्रिका का आश्रय लेता है उसका जो अभिमान इस संसार से इस शरीर से खत्म हो जाता है सूरदास जी के जो मन में थी एक सवा लाख पद लिखने की वह पद सूरदास जी नहीं लिख पाए उससे पहले भगवान के धाम चले गए लेकिन भगवान उनकी मनोकामना पूर्ण किए इसीलिए कहते हैं कि सूरदास जी के कुछ पद जो है वह स्वयं परमात्मा भगवान श्री कृष्ण ही लिखे हैं इसीलिए मैं आप लोगों से विनय करता हूं कि आप लोग उसे विनय पत्रिका में क्या छिपी हुई है जो भगवान स्वयं लिखे हैं
हाथ छुड़ाई जात हो निर्बल जान के मोय।
हृदय से जब जओगे सबल जानुंगा तोय।।
Hello friends, welcome to my channel, I Shyam Sundar Sharan have brought the Vinay of Sur Vinay Patrika in front of you. I know that the pride of the one who takes shelter of Sur Vinay Patrika gets eliminated from this world, from this body. I had inmy mind to write 1.25 lakh verses, Surdas jicould not write them, before that he went to God'sabodebut ramramsa


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